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Yashasvi Raj Vardhan Success Story : बिहार कैडर के IAS अधिकारी के बेटे ने UPSC में हासिल की 11वीं रैंक, अपने दूसरे प्रयास में किया टॉप

Yashasvi Raj Vardhan Success Story : संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा को पास करना देश के हर युवा का सपना होता है। अगर UPSC की परीक्षा दूसरे प्रयास में पास हो जाएं, तो इससे बड़ी खुशी की बात क्या होगी। ऐसे ही पटना के यशस्वी राज वर्धन ने अपने पहले प्रयास में ऑल इंडिया 11वीं रैंक हासिल कर देश का नाम रोशन किया। उनके पिता भी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी है। आइये जानते है इनकी सफलता की कहानी।
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बिहार कैडर के IAS अधिकारी के बेटे ने UPSC में हासिल की 11वीं रैंक

Yashasvi Raj Vardhan Success Story : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा को पास करना कोई बच्चों का खेल नहीं है। UPSC की परीक्षा को पास करने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।

आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बता रहे है, जिन्होंने अपने पहले प्रयास में UPSC की परीक्षा को पास करके ऑल इंडिया 11वीं रैंक हासिल की। हम बात कर रहे है UPSC टॉपर यशस्वी राज वर्धन(Yashasvi Raj Vardhan)की। 

परिवार और शुरुआती पढ़ाई

यशस्वी राज वर्धन बिहार के पटना के रहने वाले हैं। वे मूल रूप से बिहार के सारण जिले के मलखाचक (छपरा) के निवासी हैं। यशस्वी राज के पिता रजनीश कुमार सिंह बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।

उनकी माता नीलिमा सिंह, जो उद्योग और स्वरोजगार के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। यशस्वी राज ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बिहार के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), पटना से 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की।

उसके बाद दिल्ली में मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल से 12वीं पूरी की। 12वीं कक्षा पूरी होने के बाद यशस्वी राज वर्धन ने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU), दिल्ली से कंप्यूटर इंजीनियरिंग (B.Tech) में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की।

इंजीनियरिंग करने के बाद यशस्वी राज ने बार्कलेज (Barclays) में 3.5 साल तक क्वांटिटेटिव एनालिस्ट के रूप में नौकरी की। लेकिन अपने पिता को देखते हुए यशस्वी राज सिविल सर्विस की नौकरी करना चाहते थे। उसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी शुरु कर दी। 

UPSC की तैयारी

यशस्वी राज वर्धन ने नौकरी के बाद UPSC की तैयारी शुरू कर दी। राज अपनी जीएस फाउंडेशन और करंट अफेयर्स पर पूरा ध्यान देते थे। यशस्वी ने अपने पहले प्रयास में UPSC की परीक्षा में असफल रहे।

असफल होने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और माता-पिता का सहयोग मिलने के बाद यशस्वी ने अपने दूसरे प्रयास में UPSC की परीक्षा पास करके ऑल इंडिया 11वीं रैंक हासिल की। जब UPSC का रिजल्ट आया तो यशस्वी को भरोसा नहीं हुआ कि उनकी 11वीं रैंक आई है।