Zebra Crossing पर क्यों बनाई जाती है सफेद रंग की पट्टियां, 99 प्रतिशत लोगों नहीं है पता
Road Safety Rules : आप लोगों ने सड़क को पार करते समय देखा होगा कि सड़क पर सफेद रंग की पट्टियां बनी होती है। जिसे जेबरा क्रॉसिंग (Zebra Crossing) कहा जाता है। कई बार अधिकतर लोग सोचते है कि जेबरा क्रॉसिंग का रंग सफेद ही क्यों होता है।
इसके अलावा, कोई ओर रंग जैसे- पीला, नीला, लाल या हरा रंग क्यों नहीं होता। कहा जाता है कि इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण है, जो आपकी सुरक्षा करता है।
जेबरा क्रॉसिंग का डिजाइन ड्राइवर के मनोविज्ञान और इंसानी आंखों की क्षमता को ध्यान में रखकर बनाया गया है। सफेद रंग देखने के बाद ड्राइवर गाड़ी की गति को धीरे कर लेता है।
रात के अंधेरे में सबसे ज्यादा चमक
सफेद रंग की जेबरा क्रॉसिंग बनाने की सबसे बड़ी वजह है विजिबिलिटी (Visibility)यानी दृश्यता। विज्ञान के अनुसार सफेद रंग हर तरह की रोशनी को अच्छे से रिफ्लेक्ट करता है।
अगर आप रात के समय गाड़ी चलाते है तो गाड़ी की हेडलाइट की रोशनी इन सफेद पट्टियों पर पड़ने से दूर से ही चमकने लग जाती है। अगर सफेद रंग की जगह कोई ओर रंग होता तो अंधेरे में सफेद जितनी स्पष्टता नहीं दे पाता।
ड्राइवर का ध्यान तुरंत खींचता है
भारत के साथ हर देश में सड़क का रंग काला या गहरे स्टील रंग की होती है। देखा जाए तो गहरे रंग पर सफेद रंग का मेल बहुत ही शानदार होता है। सड़क पर बनी सफेद पट्टियां ड्राइवर की आंखों को तुरंत अलर्ट कर देती है।
अगर इसकी जगह पीला या कोई और रंग इस्तेमाल किया जाए, तो धूल या तेज धूप में वह सड़क के रंग के साथ मिल सकता है। जिसकी वजह से ड्राइवर भम्र या उसका ध्यान भटक सकता है। सड़क पर सफेद पट्टियां होने से दुर्घटना का खतरा कम हो जाता है।
अंतरराष्ट्रीय नियम में समानता
हर देश में ट्रैफिक के नियम एक जैसे नहीं होते। लेकिन सफेद जेबरा क्रॉसिंग एक ग्लोबल मानक है। किसी भी देश में सफेद पट्टियां देखते ही ड्राइवर समझ जाता है कि यहां पैदल चलने वालों को रास्ता देना है।
सड़क पर किया हुआ सफेद रंग बहुत गहरा और टिकाऊ होता है। ये सफेद पट्टियां तेज गर्मी, भारी बारिश और गाड़ियों के टायरों की रगड़ लगने के बाद भी लंबे समय तक चलती है।
