home page

Rupal Jaiswal Success Story : 22 लाख की प्राइवेट नौकरी छोड़कर इस महिला ने UPSC में हासिल की 43वीं रैंक, हर रोज करती थी 9 घंटे पढ़ाई

Rupal Jaiswal Success Story : कहा जाता है कि मेहनत करने वालों की हार नहीं होती। एसी ही एक मिसाल है रूपल जायसवाल। इन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से UPSC की परीक्षा को पास करके ऑल इंडिया 43वीं रैंक हासिल की। UPSC की परीक्षा के लिए इन्होंने 22 लाख रुपये पैकेज वाली नौकरी छोड़ दी। आइये जानते है इनकी सफलता के बारे में...
 | 
22 लाख की प्राइवेट नौकरी छोड़कर इस महिला ने UPSC में हासिल की 43वीं रैंक

Rupal Jaiswal Success Story : देश के हर युवा का सपना होता है कि वे संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा को पास करके IAS या IPS अधिकारी बनकर लोगों की सेवा करें। हाल ही में UPSC का रिजल्ट जारी हुआ था।

उसमें कई लोगों ने बाजी मार ली। उनमें से एक है रूपल जायसवाल।  रूपल जायसवाल मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के महादेवी नगर में रहने वाली है।  

रूपल के पिता धनंजय जायसवाल एक सिविल इंजीनियर और ठेकेदार (कॉन्ट्रैक्टर) हैं और उनकी माता एक गृहणी (होममेकर) हैं। रूपल के परिवार में उनके माता-पिता के अलावा एक छोटा भाई भी है। 

रूपल की शुरुआती पढ़ाई और उच्च शिक्षा 

रूपल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सोफिया कॉन्वेंट स्कूल (Sophia Convent School) से पूरी की। उसके बाद रूपल ने सिम्बायोसिस लॉ स्कूल (Symbiosis Law School), पुणे से बीए एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की।

कॉलेज के चौथे वर्ष में ही उन्हें ₹22 लाख के सालाना पैकेज वाली नौकरी मिल गई थी। रूपल ने कुछ समय तक मुंबई में वकालत की नौकरी की। रूपल बचपन से ही कलेक्टर बनना चाहती थी। 

UPSC की परीक्षा

रूपल ने नौकरी को छोड़कर संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी शुरू कर दी। तैयारी करते समय वे बहुत बीमार पड़ गई थी। लेकिन बीमारी के कारण उन्होंने हार नहीं मानी। रूपल ने बीमारी के समय भी अपनी पढ़ाई को जारी रखा।

UPSC की तैयारी के लिए रूपल कम से कम 9 घंटे पढ़ाई करती थी। रूपल करीब साढ़े तीन साल से UPSC की तैयारी कर रही थी। रूपल अपने पहले प्रयास में असफल रही।

लेकिन असफलता से हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में रूपल ने UPSC की परीक्षा को पास करके 512वीं रैंक हासिल की थी। जो रूपल नौकरी चाहती थी वो उन्हें नहीं मिल पाई।

उसके बाद रूपल ने फिर से UPSC की तैयारी शुरू की और साल 2025 में UPSC की परीक्षा को पास करके ऑल इंडिया 43वीं रैंक हासिल की। रूपल अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती है।