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Property Tax 2026 : घर खरीदने पर देना होगा इतने प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स, आइये जानते है इसकी कैलकुलेशन

Property Tax 2026 : घर खरीदने और बनाने पर नगर निगम को हर साल प्रॉपर्टी टैक्स देना पड़ता है। जो व्यक्ति समय से पहले  प्रॉपर्टी टैक्स देता है तो उसे भुगतान पर छुट दी जाती है। साथ ही कई वर्गों के लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स में ज्यादा छूट दी जाती है। अगर आप किसी भी तरह के जुर्माने से बचना चाहते है तो समय-समय पर टैक्स के नियमों को देखते रहे। साथ समय से पहले टैक्स को जरूर भरें। 
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घर खरीदने पर देना होगा इतने प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स

Property Tax 2026 : आप लोगों ने देखा होगा कि लोग घर खरीद तो लोते है, लेकिन उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आपको बता दें कि हाउस टैक्स वो होता है जो नगर निगम या स्थानीय निकाय द्वारा सालाना टैक्स लगाया जाता है।

जिन लोगों के पास घर, जमीन, फ्लैट आदि है तो उन्हें नगर निगम को सालाना टैक्स देना अनिवार्य है। आपके टैक्स देने से शहर की सड़कें, पार्क, सीवेज, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसी सुविधाएं चलती है।

आपको बता दें कि जिसकी जितनी महंगी प्रॉपर्टी होगी उसे उतना ज्यादा टैक्स देना होगा। इसे एड-वैलोरम टैक्स कहा जाता है। अगर आप समय पर टैक्स को नहीं भरते तो आपको 5 से 20 प्रतिशत तक जुर्माना लग सकता है।

इसके अलावा, कई जगहों पर जुर्माने के साथ ब्याज भी जोड़ा जाता है। जो आप टैक्स देते है इससे आपके शहर का विकास किया जाता है। 

प्रॉपर्टी टैक्स का कैलकुलेशन

हर शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का कैलकुलेशन अलग-अलग होता है। कई जगहों पर एक सामान्य फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है जैसे- प्रॉपर्टी टैक्स = (बेस वैल्यू × बिल्ट-अप एरिया × एज फैक्टर × टाइप ऑफ बिल्डिंग × कैटेगरी ऑफ यूज) – डेप्रिसिएशन

आपके घर की जो बेस वैल्यू होती है वो सरकारी रेट पर अधारित होती है। इसमें बिल्ट-अप एरिया में दीवारों समेत पूरा क्षेत्रफल नापा जाता है। इसी के साथ टैक्स लोकेशन, साइज, प्रॉपर्टी टाइप और इस्तेमाल पर निर्भर करता है। 

बकाया राशि के बराबर जुर्माना

अगर आप समय पर टैक्स नहीं देते तो आपको बकाया राशि के बराबर जुर्माना और 15 प्रतिशत सालाना ब्याज देना पड़ सकता है। अगर आफ लंबे समय से टैक्स को नहीं भर रहे तो आपकी प्रॉपर्टी पर कुर्क करने की कार्रवाई भी हो सकती है।

अगर आप चाहते है कि आपको टैक्स कम देना पड़े, तो आपको समय से पहले नगर निगम में टैक्स जमा करवाना होगा। इससे आपको 5-10 प्रतिशत रिबेट मिल जाती है।

इसी के साथ सीनियर सिटीजन, दिव्यांग और पूर्व सैनिकों को कई जगह छूट दी जाती है। आपको बता दें कि टैक्स मालिक को ही भरना होगा, किरायदार टैक्स नहीं दे सकते।