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LPG Gas Booking : गैस सिलेंडर को लेकर सरकार ने जारी किया आदेश, फटाफट देखें, नहीं तो जाएंगे चुक

राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा और शादी समारोहों के दौरान निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक में ग्रीन एनर्जी और आपूर्ति संतुलन पर जोर।

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LPG Gas Booking : गैस सिलेंडर को लेकर सरकार ने जारी किया आदेश, फटाफट देखें, नहीं तो जाएंगे चुक
इन दिनों वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन और गैस आपूर्ति को लेकर जहां कई देशों में चिंता देखी जा रही है, वहीं राज्य सरकार ने आमजन को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि गैस, ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति पूरे प्रदेश में बनी रहे।

शादी समारोहों में राहत: दो व्यावसायिक सिलिंडर की सुविधा

आम नागरिकों के लिए एक अहम निर्णय के तहत शादी समारोहों, पारिवारिक आयोजनों और सामाजिक कार्यक्रमों में अब अस्थायी कनेक्शन के साथ दो व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे आयोजकों को किसी प्रकार की असुविधा या गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर आपूर्ति बाधित न हो और मांग-आपूर्ति का संतुलन हर हाल में बनाए रखा जाए।

चारधाम यात्रा के लिए विशेष तैयारी

आगामी चारधाम यात्रा 2026 को देखते हुए सरकार ने अतिरिक्त गैस आपूर्ति योजना पर कार्य शुरू कर दिया है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बताया कि यात्रा अवधि के दौरान प्रतिदिन लगभग 1.11 लाख किलो गैस (करीब 4500 एलपीजी सिलिंडर) की अतिरिक्त आवश्यकता पड़ती है।

राज्य सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त ईंधन आवंटन की मांग करने का निर्णय लिया है ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तीर्थयात्री या सेवा प्रदाता को परेशानी न हो।

तैयारी का क्षेत्र विवरण
अतिरिक्त गैस आवश्यकता 1.11 लाख किलो प्रतिदिन
सिलिंडर की संख्या लगभग 4500 प्रतिदिन
फोकस क्षेत्र चारधाम यात्रा, शादियां, उद्योग
प्रमुख अधिकारी मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन
लक्ष्य निर्बाध आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा

उच्चस्तरीय बैठक में हुई व्यापक समीक्षा

शनिवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में घरेलू और व्यावसायिक गैस उपलब्धता, अस्पतालों व उद्योगों की जरूरतों, उर्वरक स्थिति, CNG/PNG आपूर्ति, कालाबाजारी नियंत्रण, और अफवाह प्रबंधन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में यह भी तय किया गया कि हर जिले में मॉनिटरिंग टीम बनाई जाएगी जो दैनिक रूप से आपूर्ति की निगरानी करेगी और ज़रूरत पड़ने पर वैकल्पिक स्रोतों से ईंधन उपलब्ध कराएगी।

ग्रीन एनर्जी और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

मुख्य सचिव ने कहा कि “विदेशी आयात पर निर्भरता घटाते हुए 2070 तक कार्बन न्यूट्रल भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए हमें वैकल्पिक और ग्रीन एनर्जी पर तेजी से काम करना होगा।”

राज्य सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि:

  • घरेलू, औद्योगिक और परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन का प्रयोग बढ़ाएँ।

  • CNG और PNG पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जाए।

  • बायोगैस और सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाए।

नागरिकों के लिए संदेश: “किसी प्रकार की कमी नहीं”

मुख्य सचिव ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में गैस और आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है। नागरिकों को किसी प्रकार की घबराहट या अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह समय चुनौतियों को अवसर में बदलने का है, और राज्य सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”