Interesting Facts : 99% लोगों को नहीं पता, नाक और लिप्स के बीच वाले हिस्से को क्या कहते हैं?
Name of area between Nose and lips : हमारे शरीर में बहुत से ऐसे तंत्र है जिसके बारे में जानकर विज्ञान भी हैरान हो जाता है. हमारे शरीर के हर हिस्से का कोई न कोई नाम है जैसे नाक, कान, हाथ, पैर आदि.
देश में ज्यादातर लोगों को नहीं पता की नाक और लिप्स के बीच वाले हिस्से को क्या कहते है. हर व्यक्ति शीशे में अपना चेहरा बड़े ही ध्यान से देखता है. नाक और होंठ के बीच वाला हिस्सा हमारे चेहरे को एक खास शेप देता है. क्या आपको इसका वैज्ञानिक नाम पता है?
हमारे शरीर के हर अंग का अपना एक काम होता है. उसी तरह चेहरे पर आंखें, नाक, कान और माथा भी अपना काम करते है. नाक और होंठ के बीच का हिस्सा गहरा होता है. नाक और होंठ के बीच इस हिस्से को विज्ञान में इसे फिल्ट्रम (Philtrum) कहा जाता है.
फिल्ट्रम मां के गर्भ में चेहरा बनते समय अपना आकार लेता है. अगर चेहरे पर ये हिस्सा न हो तो इसका बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता है. हर व्यक्ति का फिल्ट्रम का आकार अलग होता है. वास्तव में गर्भ के अंदर चेहरे के दाएं और बाएं हिस्से जिस जगह पर आपस में जुड़ते हैं, वहां यह फिल्ट्रम बनता है.
कहा जाता है कि जिन लोगों के ऊपरी होंठ का निचला हिस्सा (फिलट्रम) गहरा या लंबा होता है, उन लोगों को दुर्लभ बीमारी या आनुवंशिक सिंड्रोम हो सकता है. फिलट्रम का आकार माता-पिता के ऊपरी होंठ के निचले हिस्से के आकार पर निर्भर करता है.
फिलट्रम बाकी त्वचा की तरह सीधा नहीं होता है. ये चेहरे की गहराई में होता है. फिलट्रम के कारण चेहरे की त्वचा इस हिस्से पर मुड़ती है. फिलट्रम ऊपरी होंठ और मांसपेशियों को हिलाने में मदद करता है.
इसकी मदद से व्यक्ति बोल सकता है. फिलट्रम के कारण हम अपने चेहरे में मूवमेंट या भाव-भंगिमा प्रदर्शित करते हैं. फिल्ट्रम शब्द ग्रीक शब्द फिलट्रोन से आया है. फिलट्रोन का प्राचीन अर्थ है प्यार का जादू या चूमने की जगह होता है.
फिल्ट्रम व्यक्ति की सुंदरता में चार चांद लगा देता है. फिल्ट्रम जेनेटिक स्थितियों की पहचान करने मदद करता है. जेनेटिक स्थितियों की पहचान इसी हिस्से की बनावट को देखकर की जाती है.
आप लोगों ने देखा होगा कि जेनेटिक स्थितियों की पहचान इसी हिस्से की बनावट को देखकर की जाती है. इसी के कारण पसीना उत्पन्न करने वाली ग्रंथियां होंठों पर नहीं होतीं. इसकी वजह से किसी भी मौसम में होंठ जल्दी सूख जाते है.
