IAS Aparajita Singh Success Story : डॉक्टरी का काम छोड़ ये महिला बनी IAS अधिकारी, शीशे में देख की UPSC इंटरव्यू की तैयारी
IAS Aparajita Singh Sinsinwar Success Story : संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) सिविल सर्विस की परीक्षा देश की कठिन परीक्षाओं में से एक है. इस परीक्षा को पास करने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करनी पड़ती है.
आज हम आफको एख ऐसी ही महिला अधिकारी के बारे में बता रहे है, जिन्होंने IAS बनने के लिए डॉक्टरी छोड़ दी. हम बात कर रहे है आईएस अपराजिता सिंह(Aparajita Singh) की.
अपराजिता सिंह सिनसिनवार (IAS Aparajita Singh Sinsinwar) मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई (MBBS) हरियाणा के रोहतक में स्थित PGIMS से की है.
अपराजिता का जन्म डॉक्टर परिवार में हुआ. उनके माता-पिता और दोनों भाई सभी मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े हुए हैं. अपराजिता ऐसे माहौल में पली-बढ़ीं जहां पर डॉक्टर बनना सबसे आसान रास्ता था.
परिवार के इस माहौल को देखते अपराजिता डॉक्टर बन गई. 8 घंटे की ड्यूटी करने के बाद उन्होंने IAS बनने का फैसला किया. उसके बाद अपराजिता ने डॉक्टरी छोड़कर सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी.
UPSC की परीक्षा को पास करने के लिए अपराजिता ने कड़ी मेहनत की. साल 2017 में अपराजिता ने पहली बार UPSC की परीक्षा दी, लेकिन वे अपने पहले प्रयास में असफल रही.
उसके बाद उन्होंने फिर से कड़ी मेहनत की और साल 2018 में UPSC की परीक्षा में हिस्सा लिया. UPSC के इंटरव्यू के लिए अपराजिता शीशे के सामने खड़े होकर तैयारी करती थी.
साल 2018 में अपने दूसरे प्रयास में अपराजिता ने UPSC की परीक्षा को पास करके ऑल इंडिया 82वीं रैंक हासिल की. अपराजिता को 2019 बैच में आंध्र प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी बनी.
उसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला. वर्तमान अपराजिता उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के पद पर तैनात हैं.
