Haryana Kisan News : धान की खेती करने वालों के लिए बड़ी खबर, सरकार देगी सभी को 4500 रुपये
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा इस बार खरीफ सीजन में राज्यभर में 600 डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) मशीनें अनुदान पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। इन मशीनों पर कीमत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 40 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
डीसी ने बताया कि योजना के अंतर्गत किसानों के लिए अधिकतम क्षेत्रफल की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है तथा योजना का लाभ “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा।
दूसरी ओर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुरेन्द्र मलिक
ने बताया कि डीएसआर तकनीक पारंपरिक धान रोपाई विधि की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक पानी की बचत करती है।
इससे किसानों की उत्पादन लागत कम होती है और भूजल संरक्षण में भी मदद मिलती है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ उठाने की अपील की।
सहायक कृषि अभियंता राजीव पाल ने बताया कि धान की सीधी बिजाई तकनीक में प्रति एकड़ 8 किलोग्राम बीज पर्याप्त रहता है।
उन्होंने किसानों को बीज उपचार एवं खरपतवार नियंत्रण के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि 10 किलोग्राम बीज के उपचार हेतु 10 ग्राम एमिसान अथवा 10 ग्राम कार्बेन्डाजिम तथा एक ग्राम स्ट्रेपटोसाइक्लिन या 25 ग्राम पोसामाइसिन को 10 लीटर पानी में घोलकर बीज को 24 घंटे तक भिगोना चाहिए।
इसके बाद बीज को एक-दो घंटे तक छाया में सुखाना चाहिए ताकि अतिरिक्त नमी समाप्त हो जाए।
उन्होंने बताया कि बतर अवस्था में सीधी बिजाई करने पर खरपतवार नियंत्रण हेतु पेंडीमेथालीन 1.3 लीटर प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में घोल बनाकर बिजाई के तुरंत बाद छिड़काव करना चाहिए। यदि बिजाई सूखी अवस्था में की गई हो तो सिंचाई के तीन दिन बाद उक्त दवा का स्प्रे करें।
इसके अतिरिक्त बिजाई के 15 से 25 दिन बाद खरपतवारों की 2 से 4 पत्ती अवस्था में बिसपाइरीबेक-सोडियम 100 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से 120 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
इच्छुक किसान अधिक जानकारी के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
