Kiran Kamate Success Story : PWD के सहायक Engineer ने UPSC में हासिल की 53वीं रैंक, 5 बार हो चुके है फेल
Kiran Kamate Success Story : किसी सफलता को हासिल करने के लिए व्यक्ति को कड़ा सघर्ष और मेहनत करनी पड़ती है। आज हम आपको एक ऐसे अधिकारी के बारे में बता रहे है जिन्होंने 5 बार असफलता मिलने के बाद भी हार नहीं मानी।
हम बात कर रहे है किरण कमटे(Kiran Kamate)की। किरण कर्नाटक के बेलगावी (बेलगाम) जिले के चिक्कोडी तालुक के हट्टारवाटा गांव के रहने वाले हैं। किरण 29 साल के है।
उनके पिता डॉ. सन्नाप्पा कामाटे (Dr. Sannappa Kamate) बेलगावी जिले के निदासोशी में हीरा शुगर्स इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल हैं।
किरण की माता रुक्मिणी कामाटे (Rukmini Kamate) गृहिणी हैं। किरण की पत्नी लोचना (Lochana) ने उनकी सफलता में बहुत योगदान दिया।
किरण कामटे की शुरुआती पढ़ाई और कॉलेज
किरण ने अपने शुरुआती पढ़ाई कक्षा 1 और 2 महाराष्ट्र के बीड़ जिले के अंबाजोगई में स्थित एक मराठी प्राथमिक स्कूल से की। उसक बाद वे कर्नाटक आ गए। किरण ने अपनी बाकी की पढ़ाई हुब्बल्ली (Hubballi) के एम.आर. साखरे इंग्लिश मीडियम स्कूल से की।
उच्च माध्यमिक शिक्षा की पढ़ाई गदग (Gadag) में स्थित KLE इंस्टीट्यूट इंग्लिश मीडियम स्कूल से पूरी की। उसके बाद निप्पानी के जी.आई. बागेवाड़ी कॉलेज (G.I. Bagewadi College) से साइंस स्ट्रीम में अपनी प्री-यूनिवर्सिटी (PU Science) की पढ़ाई की।
किरण ने कर्नाटक में स्थित KLS गोगटे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GIT) से सिविल इंजीनियरिंग (Civil Engineering) में स्नातक (B.E.) की डिग्री हासिल की।
किरण ने कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ कई राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी-सांस्कृतिक कार्यक्रमों (जैसे 'युक्ति') के आयोजन में नेतृत्व करते थे।
किरण कामटे ने ग्रामीण किसानों की मदद करने के लिए पैडल से चलने वाले वॉटर पंप के रिसर्च पेपर पर सह-लेखक (Co-author) के रूप में भी काम किया था।
UPSC की तैयारी और परीक्षा
साल 2023 में कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की परीक्षा पास कर लोक निर्माण विभाग (PWD) में मुख्यालय में सहायक अभियंता (Assistant Engineer) के पद पर कार्यरत थे। किरण ने PWD में नौकरी करने के साथ UPSC की तैयारी शुरु कर दी।
उन्होंने 6 बार UPSC की परीक्षा दी। पहले 3 प्रयास में किरण असफल रहे। उसके बाद किरण नौकरी करने के साथ-साथ हर रोज 4 से 5 घंटे पढ़ाई करते थे।
उसके बाद किरण 2 बार UPSC की परीक्षा में असफल रहे। 5 बार असफलता मिलने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने छठे और आखिरी प्रयास में UPSC की परीक्षा को पास करके ऑल इंडिया 53वीं रैंक हासिल की। यूपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए उनका वैकल्पिक विषय राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध (PSIR) था।