Kalpesh Roth Success Story : दिव्यांग कोटा के बिना राजस्थान के इस शख्स ने UPSC में हासिल की 24वीं रैंक, हर रोज करते थे 9 घंटे पढ़ाई
Kalpesh Roth Success Story : कहा जाता है कि लक्ष्य सही हो तो हर मुसीबत से लड़ा जा रहा है। आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बता रहे है जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से इस मुकाम को हासिल किया।
हम बात कर रहे है कल्पेश रोत(Kalpesh Roth) की। कल्पेश राजस्थान के डूंगरपुर जिले के मेरोप गांव के रहने वाले है। कल्पेश का जन्म से ही एक हाथ का पंजा नहीं है। उसके बाद भी कल्पेश ने इस बाधा को अपनी कमजोरी नहीं बनाया।
कल्पेश रोत के पिता पोपटलाल रोत एक किसान हैं और उनकी माता काऊडी देवी एक गृहिणी हैं। कल्पेश रोत ने बेहद सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते है।
शुरुआती शिक्षा और कॉलेज
कल्पेश ने अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा मॉडल स्कूल सीमलवाड़ा (डूंगरपुर) के सरकारी स्कूल से पूरी की। उसके बाद कल्पेश ने साइंस कॉलेज, उदयपुर (मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से संबद्ध) से डिग्री हासिल की।
इसी के साथ कल्पेश ने अपनी ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे। ग्रेजुएशन पूरी होने के बाद कल्पेश ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025
कल्पेश ने UPSC परीक्षा का आवेदन करते समय दिव्यांग श्रेणी का विकल्प नहीं चुना और सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के साथ प्रतिस्पर्धा की। साथ ही कल्पेश ने हाथ का पंजा न होने के बावजूद सामान्य श्रेणी में परीक्षा दी और कभी भी दिव्यांग कोटे का इस्तेमाल नहीं किया।
UPSC की तैयारी के लिए कल्पेश ने किसी भी तरह की कोचिंग नहीं ली। वे सेल्फ स्टडी करके UPSC की तैयारी करते थे। कल्पेश हर रोज कम से कम 9 घंटे पढ़ाई करते थे।
कल्पेश ने UPSC से पहले साल 2022-23 में RAS(राजस्थान प्रशासनिक सेवा) की परीक्षा पास करके उदयपुर संभागीय आयुक्त कार्यालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। लेकिन कल्पेश IAS अधिकारी बनना चाहते थे।
कल्पेश ने संसाधनों की कमी या शारीरिक चुनौतियां सफलता में बाधा नहीं बनतीं यदि संकल्प दृढ़ हो। उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान इंटरनेट और उपलब्ध सामग्री का प्रभावी ढंग से उपयोग किया। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से साल 2025 में UPSC की परीक्षा को पास करके ऑल इंडिया 24वीं रैंक हासिल की।