India Largest Bus Stand: भारत के इस शहर में है एशिया का सबसे बड़ा बस स्टैंड, एक साथ खड़ी हो सकती है सैकड़ों बसों 

India Largest Bus Stand: हर रोज लाखों लोग बस में सफर करते है. जिससे यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर में जाना आसान हो जाता है. देश में यात्रियों की संख्या के साथ अब बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है.  आज हम आपको एक ऐसे ही बस अड्डे के बारे में बता रहे है जो भारत का सबसे बड़ा और एशिया के सबसे बड़े बस स्टैंड में से एक है. आइय़े जानते है विस्तार से...
 

India Largest Bus Stand : भारत के हर शहर और गांव में बस अड्डा जरूर बना होता है. हर रोज लाखों लोग इन बसों में सफर करते है. आज हम आपको एक ऐसे बस स्टैंड के बारे में बता रहे है जहां पर ऐसा लगता है कि जमीन पर बसों का समंदर उमड़ पड़ा हो.

हम बात कर रहे है भारत के सबसे बड़े और अनोखा बस अड्डा(Terminal) की. ये बस अड्डा तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई (Chennai) के कोयम्बेडु (Koyambedu) में स्थित है. इस बस अड्डा को चेन्नई मोफुसिल बस टर्मिनस (CMBT) के नाम से जाना जाता है.

ये बस अड्डा लगभग 37 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है. इस बस अड्डे से हर रोज 2 लाख से अधिक यात्री सफर करते है.  ये टर्मिनल इतना बड़ा है कि यहां खड़े होकर हर दिशा में सिर्फ बसें ही बसें दिखाई देती है.

इसलिए इसे ‘बसों का समंदर’ भी कहा जाता है. ये बस अड्डा आईएसओ-प्रमाणित (ISO-certified) है. इसमें 3 होटल, 10 लॉकर रूम, एटीएम और कई भोजनालय (food courts) बनें हुए है.

भारत का सबसे बड़ा बस टर्मिनल चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा साल 2002 में निर्माण किया गया है. साल 2002 में इस बस टर्मिनल को बनाने के लिए सरकार के करीब 103 करोड़ रुपये खर्च हुए थे.

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य  ये था कि चेन्नई में बढ़ते ट्रैफिक को कम किया जा सकें. इस बस टर्मिनल में एक साथ 270 से अधिक बसें खड़ी हो सकती है. यहां पर हर रोज 2000 से अधिक बसों का संचालन होता है.

यहां कार, ऑटो रिक्शा और दोपहिया वाहनों के लिए भी अलग-अलग पार्किंग की सुविधा दी गई है. इस बस टर्मिनल में करीब 3000 से अधिक दोपहिया वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था है.

साल 2018 में इस बस टर्मिनल का नाम बदलकर “पुरैची थलाइवर डॉ. एमजीआर बस स्टैंड” कर दिया गया. यह नाम तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. जी. रामचंद्रन की याद में रखा गया है.

इस बस टर्मिनल में समय के साथ बेहतर और आधुनिक बनाने की कोशिश की जा रही है. जिससे यात्रियों को अच्छी सुविधाएं मिल सकें.