Deepanshu Jindal Success Story : हरियाणा के BDPO अधिकारी ने UPSC में हासिल की 38वीं रैंक, बहन भी है IAS अधिकारी

Deepanshu Jindal Success Story : UPSC की परीक्षा को पास करने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। UPSC की परीक्षा को पास करने के लिए लोगों को कई साल लग जाते है। आज एक ऐसे शख्स के बारे में बता रहे है जिन्होंने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया है। माता-पिता के निधन के बाद उनकी बहन सहारा बनी। आइये जानते है इनकी सफलता की कहानी। 
 

Deepanshu Jindal Success Story : आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बता रहे है जिन्होंने ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया है। हम बात कर रहे है दीपांशु जिंदल(Deepanshu Jindal) की।

दीपांशु जिंदल मूल रूप से पंजाब के मोगा जिले के रहने वाले हैं। सफलता के समय वह हरियाणा के यमुनानगर में बीडीपीओ (Block Development and Panchayat Officer) के पद पर कार्यरत थे और वहां के जगाधरी क्षेत्र से संबंध रखते हैं। दीपांशु की बहन भी IAS अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश कैडर में कार्यरत हैं। 

दीपांशु की स्कूली शिक्षा और कॉलेज

दीपांशु ने अपनी स्कूली शिक्षा नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा पंजाब के मोगा स्थित डीएन मॉडल स्कूल से पूरी की। दीपांशु ने 12वीं कक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। उसके बाद उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चले गए।

दीपांशु ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से बी.कॉम (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की।  दीपांशु ने साल 2022 में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की। 

UPSC का सफर 

दीपांशु ने UPSC की परीक्षा दी लेकिन वे पहले प्रयास में वे प्रीलिम्स परीक्षा में केवल 0.5 मार्क्स से रह गए थे। उसके बाद उन्होंने दूसरी बार परीक्षा दी और इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन फाइनल लिस्ट में जगह नहीं बना पाएं।

दो बार असफलता मिलने के बाद भी दीपांशु ने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में UPSC की परीक्षा को पास करके ऑल इंडिया 38वीं रैंक हासिल की। UPSC की तैयारी के समय उनकी बहन उनका बहुत बड़ा सहारा बनी।

UPSC से पहले दीपांशु ने हरियाणा सिविल सर्विसेज (HCS) की परीक्षा को पास करके ऑल इंडिया 38वीं रैंक हासिल की। परीक्षा को पास करने के बाद दीपांशु जगाधरी (यमुनानगर) में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) के पद पर कार्यरत थे। इसी के साथ दीपांशु ने EPFO में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर का एग्जाम भी पास किया था।